डिबाई स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के वरदानी भवन में वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में “संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” विषय पर एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सम्मान, आध्यात्मिकता और सकारात्मकता से परिपूर्ण बनाना तथा समाज में उनके अनुभव और योगदान को सम्मानित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अखिलेश यादव (अपर आयुक्त, अलीगढ़) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में भ्राता राकेश कुमार यादव (अपर आयुक्त, नगर निगम अलीगढ़), डॉ. रजनी सिंह (वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाज सेविका, डिबाई) तथा आध्यात्मिक अतिथि वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्माकुमार राम भाई (माउंट आबू) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी दीदी (लारेस रोड, दिल्ली) ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि वृद्धावस्था जीवन का स्वर्णिम काल है, जिसे आध्यात्मिक साधना, सकारात्मक सोच और सेवा के माध्यम से अत्यंत सम्मानपूर्ण और आनंदमय बनाया जा सकता है। उन्होंने राजयोग ध्यान के महत्व को बताते हुए कहा कि यह व्यक्ति को आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और आत्मबल प्रदान करता है, जिससे जीवन की हर अवस्था को सहजता और प्रसन्नता से जिया जा सकता है।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके जीवन के अनुभवों तथा समाज में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गीत-संगीत एवं आध्यात्मिक संदेशों ने पूरे वातावरण को आनंदमय और प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ब्रह्माकुमारी रचना बहन द्वारा किया गया तथा इस आयोजन का नेतृत्व डिबाई सेंटर की संचालिका ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अपने उद्बोधन में कुसुम दीदी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सम्मान और पारस्परिक सद्भावना को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायक और सफल बताया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की सराहना की।







