Social Leaders Conference at Gyan Sarovar – 8th to 12th June 2018

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शांतिप्रियता से अन्य सभी गुण समा जाएंगे जीवन में : राजयोगिनी दादी जानकी जी 
​माउंट आबू( ज्ञान सरोवर ) ०९ जून २०१८.
आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, “समाज सेवा प्रभाग ” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मलेन का मुख्य विषय था – “ समाज , अध्यात्म और दिव्यता . इस सम्मलेन में नेपाल सहित भारत वर्ष के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलित करके सम्मेलन का उदघाटन संम्पन्न हुआ।
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ब्रह्मा कुमारीस संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी ने भी अपना आशीर्वचन दिया सम्मेलन को। कहा कि मेरा बाबा मेरे साथ है – मेरा भाग्य मेरे साथ है। एक तरफ बाबा है एक तरफ मेरा भाग्य है। स्वभाव के वश ना होना । बाबा के वश रहो। शांति प्रिय बनो। शांति प्रिय रहेंगे तो केयर ,शेयर और इन्नसपायर हो जाएंगे । बाबा ने कहा – विदेही रहना और ट्रस्टी रहना। बाबा ने कहा मेरे को याद करो और घर को याद करो तो स्वर्ग वासी बन जाएंगे। दादी जी ने कहा की सभी धर्मों का पिता एक ही है। पूरी दुनिया एक ही परिवार है। दादी जी ने पधारे हुए सभी अतिथिओं से नारा लगवाया – मेरा बाबा , प्यारा बाबा , मीठा बाबा।

समाज सेवा प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी संतोष दीदी जी ने सम्मेलन को अपना आशीर्वचन दिया। आपने कहा कि मानव विस्मृति में आ गया है। जानता नहीं की मैं कौन हूँ। मैं -मैं तो करता रहता है मगर जानता नहीं की यह मैं है कौन ?? मैं को जान लेने से ही समस्या का समाधान मिल जाता है। ज्ञान ही प्रकाश है। प्रकाश के आने पर अन्धकार समाप्त होता है। अज्ञान अन्धकार को मिटाने के लिए ज्ञान का प्रकाश चाहिए। ज्ञान है की मैं एक आत्मा हूँ – परमात्मा की संतान हूँ।
इस स्मृति से हमको अपने कर्मों को सुधारना है। बढ़िया कर्म का बढ़िया फल प्राप्त होगा। आत्मिक भान से हम अपने जीवन को सुधार पाते हैं। संकल्प श्रेष्ठ बनते हैं तो जीवन श्रेष्ठ बन जाता है।
 

समाज सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष राजयोगी भाई अमीर चंद जी ने इस सम्मेलन का लक्ष्य प्रकट किया। आपने कहा कि हमारा समाज दिव्य समाज था – देवी देवतायें थे भारत भूमि पर। आज इस बात पर विश्वास भी नहीं होता लोगों को। हमारे देवी और देवतायें पुनर्जन्म लेते लेते सामान्य हालत में आ चुके हैं। तभी अपनी पहचान देवी देवताओं के रूप में कर पाना मुश्किल जान पड़ता है हमें। अभी परमात्मा फिर से नयी दुनिया की स्थापना का कार्य कर रहे हैं। फिर से स्वर्ग का आगमन होने वाला है। हम सभी आत्माओं को परमात्मा की संतान के रूप में खुद को समझ कर उनकी दिव्यता को अपने जीवन में धारण करना है और समय आने पर देवत्व को प्राप्त कर लेना है।

समाज सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक राजयोगी प्रेम भाई ने इस अवसर पर समाज सेवा के लिए अनिवार्य जरूरतों पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि समाज सेवकों का जीवन आध्यात्म का पुट लेकर आगे चले तो उनको पर्याप्त सफलता मिलेगी। आज समाज नकारात्मकताओं से भरा हुआ है। ऐसे समाज को सही मार्ग पर लाने के लिए उन लोगों को आगे आना चाहिए जो सकारात्मकताओं से भरे हुए हों। नेतृत्व कर्ता का सभी अनुसरण करते हैं। अतः मूल्यवान जीवन समाज सेवा के लिए जरूरी है। लायन परविंदर सिंह भाटिया जी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर , इंदौर ने अपने उदगार प्रकट किये। आपने कहा कि यह संस्था लाखों करोड़ों लोगों , आत्माओं को गुरवाणी के अनुरुप सज्जित कर रही है। आज यह संस्था पूरी दुनिया में फ़ैल गया है। ब्रह्मा कुमारीस की बागडोर बहनों के हाथों में है। इस संस्था को मुख्य रूप से बहनें ही संचालित करती हैं। इस संस्थान में मानसिक प्रदूषण को दूर करने के लिए राजयोग का अभ्यास सिखाया जाता है। समाज सेविओं को मानसिक प्रदूषण रहित होना ही चाहिए।

सम्मेलन में संस्थान के महा सचिव राजयोगी निर्वैर जी का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।

ब्रह्मा कुमारी वंदना बहन ने मंच का संचालन किया। ब्रह्मा कुमार अवतार , समाज सेवा प्रभाग के मुख्यालय संयोजक ने सभी का आभार प्रकट किया। मधुर वाणी ग्रुप ने सुन्दर गीत द्वारा अतिथियों का स्वागत किया।